तारों के गिनवैया
डर को हराकर, तारों से दोस्ती
Ages 8-10 📄 40 pages 📚 Grade 3-5 0
About This Book
एली अब तक 143 तारे गिन चुका है, और वह अपनी नोटबुक — और अपनी आवाज़ — दोनों को अपने पास ही रखता है। छत ही वह इकलौती जगह है जहाँ कोई उससे कुछ समझाने को नहीं कहता। फिर एक रात दरवाज़ा चरमराता है और नोरा पटेल डगमगाती टॉर्च और अपने दादाजी की सिखाई एक मुड़ी-तुड़ी 'तारों की सूची' लिए बाहर निकल आती है। आसमान में एक चाँदी की लकीर खिंचती है। "एक," एली बिना सोचे फुसफुसा उठता है। "दो," नोरा फुसफुसाकर जवाब देती है। इस हफ़्ते एक उल्का बौछार आने वाली है, और दोनों के बीच एक विचार जन्म लेने लगता है — कागज़ की तश्तरियों से बने तारा-चक्र, गलियारे की धीमी होती बत्तियाँ, और पूरी इमारत को ऊपर आसमान देखने के लिए बुलाने की एक तरकीब।


