हाँ-हाँ माया ने ढूँढी अपनी आवाज़
माया रिवेरा: वो लड़की जो हमेशा 'हाँ' कहती थी... जब तक कि उसने 'ना' कहना नहीं सीखा।
Ages 10-14 0 📚 Grade 6-8 0
About This Book
माया रिवेरा को कभी सबकी नज़रों का केंद्र बनना पसंद नहीं रहा; इसके बजाय उसने 'हाँ' कहने की कला में महारत हासिल कर ली है — उस क्लब को हाँ, जिसमें उसे कोई दिलचस्पी नहीं, उस मज़ाक को हाँ, जो उसे मज़ेदार नहीं लगता — क्योंकि पसंद किया जाना, खुद जैसी दिखने से कहीं ज़्यादा सुरक्षित लगता है। फिर कल्चर क्लब की एक मीटिंग में उसके मुँह से एक छोटा, ईमानदार विचार निकल जाता है, और कमरा एक ऐसी खामोशी में डूब जाता है जिसके लिए वह तैयार नहीं थी। कुछ दोस्त हैरान रह जाते हैं। कुछ चुपचाप अपनी कुर्सी थोड़ी दूर खिसका लेते हैं। और माया खुद से पूछती रह जाती है कि क्या सच बोलना इतना बड़ा नुकसान उठाने लायक था।
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