हँसी के पीछे छुपा सच
जब हँसी कवच नहीं, दोस्ती का पुल बन जाती है
Ages 10-14 0 📚 Grade 6-8 0
About This Book
अगर हँसी कोई दवा होती, तो जोनाह पूरे स्कूल को ठीक कर सकता। उसकी नकलें कैंटीन को ठहाकों से भर देती हैं, उसके चुटकुले हर उस सवाल से पहले खाली जगह भर देते हैं जो कोई पूछ सकता है कि वह ज़्यादातर रातें अकेले बचा हुआ खाना गरम करके क्यों खाता है। तो जब क्रेस्टहिल में कहानी सुनाने वाली सभा की घोषणा होती है, जोनाह का हाथ तुरंत ऊपर उठ जाता है — सिर्फ़ मज़ाक, कोई सच्ची बात नहीं। फिर रिहर्सल में उसका एक मज़ाक हँसी की बजाय शांत सैम पर जाकर लगता है, और पहली बार कमरे की हँसी उसे ठंडी लगती है। मिस्टर ग्लेन उसे इस बारे में सोचने को कहते हैं, और उसकी नोटबुक में चुटकुलों के साथ अब सच्ची बातों का एक नया कॉलम भी उगने लगा है।
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