जब परफेक्शन बने बोझ
मारा ने पाया मुस्कान के पीछे का सच
Ages 10-14 0 📚 Grade 6-8 0
About This Book
मारा दो साल से अपने बड़े भाई एलेक्स की हर अदा को दिल से रट रही है — वही आत्मविश्वास से भरी मुस्कान, वही बेझिझक चुटकुले, वही मेज़ पर आसान हँसी। उसे लगता है कि अगर वह इन कदमों को बिलकुल सही उतार ले, तो उसकी अपनी घबराहट भी शायद गायब हो जाएगी। फिर क्लास में एलेक्स के स्टाइल की नकल करके तैयार किया गया उसका प्रेज़ेंटेशन बुरी तरह फ्लॉप हो जाता है — उधार लिया गया मज़ाक तक सन्नाटे में गुम हो जाता है — और मारा अपने पुराने कैमरे को थामे शर्म से सिकुड़ जाती है। पर जो वह नहीं जानती, वह है एलेक्स के बिस्तर के नीचे से झाँकती वह पतली, घिसी हुई नोटबुक — स्केच और चिंताओं से भरी, जो किसी 'परफेक्ट' इंसान की नहीं लगतीं।
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