लैला और अनलेबल्ड एडवेंचर
एक सिटी क्वेस्ट जहाँ हर हिस्से की अहमियत है
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बारिश होती रही, होती रही-पर लियो ने फिर भी अपनी टॉर्च पैक कर ली।
उसने टॉर्च जलाई। दीवार पर एक चमकीला गोला नाचने लगा। लियो ने अपनी कैंपिंग वाली टोपी और अपने पसंदीदा मोज़े पहने थे। उसने पूरे हफ्ते उंगलियों पर दिन गिने थे। आज तो टेंट, पेड़ और तारों के बीच रहने का दिन था।
लेकिन आसमान जैसे बाल्टी की तरह खुल गया। छत पर बारिश की टप-टप की आवाज़ आने लगी। रेडियो ने बताया कि पार्क बंद हो गया है। लियो के कंधे झुक गए। वह सोफे पर धम्म से बैठ गया और अपना बस्ता गले से लगा लिया।
माँ उसके पास घुटनों के बल बैठीं और उसे एक सूखा तौलिया दिया।
"तूफान बहुत शोर करते हैं," उन्होंने धीरे से कहा।
पापा ने रसोई से झाँका और आँख मारी।
"क्या हो अगर हम कैंपसाइट को ही घर ले आएँ?" उन्होंने कहा।
लियो की छोटी बहन, निया, ताली बजाने लगी।
"यहाँ कैंप करें? यहीं कैंप करें!" वह एक पैर पर कूदते हुए गाने लगी।
लियो ने लिविंग रूम में चारों ओर देखा। कोई पेड़ नहीं। आग जलाने की कोई जगह नहीं। बस कुर्सियाँ, एक सोफा, और एक कॉफी टेबल जिस पर कल रात की कोको के धब्बे थे।
"यह असली जैसा नहीं लगेगा," उसने कालीन पर अपना पैर पटकते हुए बुदबुदाया।
पापा ने अपनी भौंहें मटकाईं। "चलो कोशिश करते हैं।"
उन्होंने दो कुर्सियों को पहाड़ों की तरह एक साथ खींचा। एक नीली चादर टेंट की छत बन गई। माँ ने भारी किताबों के नीचे कोनों को दबा दिया।
"हवा का परीक्षण," लियो ने कहा। उसने अपने गाल फुलाए और फूँक मारी। चादर लहराई, फिर स्थिर हो गई।
"स्थिर है," उसने अँगूठा दिखाते हुए फैसला किया।
उन्होंने नरम कालीन पर स्लीपिंग बैग बिछा दिए। यह काई जैसा महसूस हो रहा था। निया ने अपने भरवां खरगोश को टेंट के दरवाज़े पर रख दिया, मानो वह कोई गार्ड हो।
"कैप्टन बन," उसने फुसफुसाया।
लियो ने रद्दी कागज़ पर एक रास्ते का नक्शा बनाया। उसने लिविंग रूम के जंगल के लिए हरे क्रेयॉन का, रसोई की घाटी के लिए नारंगी और दालान की नदी के लिए नीले रंग का इस्तेमाल किया।
"नाश्ते की झील यहाँ है," उसने फ्रिज के चारों ओर एक डगमगाती रेखा के साथ गोला बनाते हुए कहा।
माँ ने धागे से कागज़ के तारे लटकाए। जब हीटर चालू होता तो वे हिलते। खिड़कियों पर बारिश छोटी उंगलियों की तरह थपथपा रही थी। घर में टोस्ट की महक आ रही थी।
"कैंप कोज़ी में आपका स्वागत है," पापा ने घोषणा की। उन्होंने कैंप बैज की तरह ग्लो स्टिक्स बांटीं।
लियो ने अपनी स्टिक को तोड़ा और हिलाया। वह नींबू जैसे हरे रंग में जल उठी। उसने उसे अपनी ठोड़ी के नीचे रखा।
"डरावना," उसने धीमी आवाज़ में कहा। निया चीखी और कैप्टन बन के पीछे छिप गई।
उन्होंने अंधेरे में टॉर्च जलाकर परीक्षण किया।
"गुफा की सैर," लियो ने कहा।
वह कंबल वाली मेज के नीचे से रास्ता दिखाते हुए आगे बढ़ा। कपड़ा उसके बालों को छू रहा था। धूल ने उसकी नाक में गुदगुदी की। वह एक कीड़े की तरह रेंगा और अपनी रोशनी एक कुर्सी के पैर पर डाली।
"स्टैलेग्माइट," उसने फुसफुसाया। उसके मन में यह चट्टानी महसूस हुआ। निया हँसती हुई उसके पीछे-पीछे आई। उनकी रोशनी की किरणें तलवारों की तरह टकराईं।
टेंट में वापस, माँ ने अपने हाथ चादर पर उठाए। उन्होंने एक खरगोश की परछाई बनाई जो एक छाया गाजर को कुतर रही थी। पापा ने एक भेड़िया बनाया, लेकिन वह अपनी पूंछ हिला रहा था और उसने एक मोज़े वाली टोपी पहन रखी थी। लियो ज़ोर से हँस पड़ा।
"अब मेरी बारी," उसने कहा।
उसने एक पक्षी बनाने की कोशिश की। वह केकड़े जैसा लग रहा था, लेकिन फिर भी बहादुरी से फड़फड़ाया।
उन्होंने माइक्रोवेव में स्मोर्स बनाए। लियो ने एक असली कैंप कुक की तरह धीरे-धीरे गिना।
"एक... दो... तीन..."
मार्शमैलो एक बादल की तरह फूल गया। चॉकलेट ग्राहम क्रैकर में धँस गई। लियो ने ऊपर वाले हिस्से को धीरे से दबाया। चिपचिपा, मीठा और गर्म।
"यह एकदम सही है," उसने अपने होंठ से एक धब्बा चाटते हुए कहा। निया की नाक पर चॉकलेट लग गई। उसने उसे देखने के लिए अपनी आँखें तिरछी कीं। सब हँस पड़े।
लाइटें झपकीं। एक बार। दो बार। कमरा एक उल्लू की तरह पलकें झपका रहा था।
लियो के पेट में हल्की सी गुदगुदी हुई। उसने अपनी टॉर्च को कसकर पकड़ लिया।
माँ ने ग्लो स्टिक्स की एक लड़ी जलाई। उन्होंने उन्हें टेंट के खंभों पर लटका दिया। हरा, नीला, गुलाबी। कमरा कॉटन कैंडी की तरह चमक उठा।
"हमें अभी-अभी जुगनू मिले हैं," उन्होंने फुसफुसाया।
लियो ने साँस छोड़ी। वह मुस्कुराया और अपनी रोशनी उठाई।
"ठीक है, कैंपर्स," उसने कहा। "रात की सैर का समय हो गया है।"
उसने रास्ते का नक्शा देखा। वह कालीन पर रास्ता दिखाते हुए आगे बढ़ा। वे सोते हुए भालुओं-तकियों के ढेर-के ऊपर से गुजरे और गहरी सोफे की घाटी के पास से दबे पाँव चले। खिड़कियों पर बारिश एक दूर की नदी की तरह सरसरा रही थी।
"मोज़ा खो गया!" निया एक पैर पर कूदते हुए चिल्लाई। "आपातकाल!"
लियो झुका और अपनी टॉर्च की किरण से छानबीन करने लगा। वह धीरे-धीरे और सावधानी से आगे बढ़ा। उसने कॉफी टेबल के नीचे झाँका। वहाँ केवल धूल के गुच्छे थे।
"यहाँ नहीं है," उसने कहा।
उसने सुना। घर में भिनभिनाहट की आवाज़ थी। ग्लो स्टिक्स चमक रही थीं। उसने परदे के पीछे से एक छोटी नीली धारी झाँकती हुई देखी।
"मिल गया," उसने पहुँचते हुए कहा। मोज़ा ठंडा और खिड़की से थोड़ा नम था।
"बचाव अभियान पूरा हुआ," उसने निया को खजाने की तरह सौंपते हुए रिपोर्ट किया।
निया ने उसे, फिर कैप्टन बन को गले लगाया।
कैंप में वापस, पापा एक बर्तन के ढक्कन पर जंगल की धीमी धुन बजा रहे थे। माँ बारिश के लिए एक जार में चावल हिला रही थीं। लियो ने अपनी आँखें बंद कर लीं और हवा में पत्तों की आवाज़ सुनी, हालाँकि वे सिर्फ पर्दे के सरसराने की आवाज़ थी।
उसने कागज़ के तारों और ग्लो स्टिक्स को देखने के लिए आँखें खोलीं। उसने अपने परिवार को देखा, जो पालथी मारे बैठे थे, और धीमी रोशनी में उसे देखकर मुस्कुरा रहे थे।
"अब यह असली लग रहा है," उसने खुद को ज़ोर से यह कहते हुए सुनकर आश्चर्यचकित होकर कहा।
माँ ने उसके स्लीपिंग बैग का एक कोना ठीक किया।
"अच्छे कैंपर अपने रास्ते खुद बनाते हैं," उन्होंने कहा।
लियो ने जम्हाई ली और अपनी टॉर्च अपने तकिए के नीचे खिसका दी। खिड़की पर बारिश की टपटपाहट एक लोरी की तरह कोमल थी। निया की साँसें धीमी और खर्राटों भरी आ रही थीं। पापा का अँगूठा उनके मोज़े से बाहर झाँक रहा था। माँ के बालों ने टेंट की दीवार पर एक छायादार पहाड़ बना दिया था।
लियो का सीना गर्म और भरा हुआ महसूस हुआ। वह अंधेरे में मुस्कुराया और बारिश को उसे नींद में ले जाने दिया।
सुबह उज्ज्वल और साफ थी। बाहर पोखर चमक रहे थे। टेंट थोड़ा टेढ़ा लग रहा था, और तारे उलझ गए थे, लेकिन लियो को कोई फर्क नहीं पड़ा।
उसने सुनहरे क्रेयॉन से कैंप कोज़ी का एक बैज बनाया। उसने एक छोटी ग्लो स्टिक और एक बहादुर छोटा पक्षी जोड़ा जो अभी भी केकड़े जैसा दिखता था। उसने एक थपकी के साथ बैज को फ्रिज पर चिपका दिया।
"हम जल्द ही असली जंगल में जाएँगे," पापा ने लियो को टोस्ट का एक टुकड़ा देते हुए कहा।
लियो ने सिर हिलाया। उसने अपनी कैंपिंग टोपी को छुआ और टेंट को देखा। अगर वह कोशिश करता तो उसे अब भी कल रात की बारिश सुनाई दे सकती थी।
"रोमांच यहाँ भी रहता है," उसने धीरे से कहा, और उसकी मुस्कान चौड़ी और पक्की हो गई।
एक त्योहार, मिली हुई एक डायरी, और सूर्योदय का एक फैसला
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